बीजेपी की भक्ति में ऐसे डूबे भक्त की किसान का दर्द न जाने कोय
जो लिखू सच लिखू सच के शिवाय कुछ न लिखू
मोहन गुर्जर की कलम से
त्वरित टिपणी
शनिवार को दिनभर सिराली की राजनीती में अचानक भूचाल आ गया सोशल मीडिया पर आरोप प्रत्यारोप को दौर चलता रहा फेसबुक और व्हाट्सअप पर अनेक पोस्ट चलती रही जिसमे बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने किसान समाज का अपमान किया आखिर क्या किसान गरीब नही क्या अपने क्षेत्र में आज प्रत्येक किसान के पास गाड़ी बंगला है। और अगर है तो वह उसकी मेहनत का है न की हराम का वह कोई मंत्री नही जिसके बैंक खातों में लाखों रूपये पड़े है। पांच साल पुराने याद करो आज किसान किस मोड़ पर खड़ा हुआ है।
कर्ज कर्ज और सिर्फ कर्ज
और यह सब उस लिए की वह भी चाहता है। उसके परिवार को सारे ऐसो आराम मिले भला दुनिया में कौन नही चाहेगा। हर किसान मजदूर अपने बच्चो को पढ़ाता है। उच्च शिक्षा दिलवाना चाहता है। लेकिन गरीब किसान जो दिखने को आमिर दिख रहा है लेकिन वर्तमान हालात में खेती का धंधा आज के इस दौर में लाभदायक कम नुकसानदायक ज्यादा हो गया।
देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा जो आज प्रदेश में और केंद्र में बैठी हुई है। यह पार्टी ने हमेशा किसानों के साथ सौतेला व्यवहार करती आई है। जबकि किसान के ऊपर ही देश की अर्थव्यवस्था टिकी हुई है। अगर किसान अपने खेत में अनाज पैदा नही करेगा। तो देश में भूचाल आ जायेगा क्योकि अगर अन्न और पानी नही मिलेगा तो इंसान का जीवन भी संभव नही है। पिछले 5 सालों से प्रतिबर्ष प्राकृतिक आपदाएं आ रही है जिससे किसानों की बोई हुई फसल बर्बाद होती जा रही है। कभी बाढ़ आती है तो कभी सूखे के कारण किसान की फसल बर्बाद हो रही है।और किसान साहूकारों के कर्ज के तले दबकर आत्महत्या कर मोत को गले लगा रहा है। किसान का बिमा बैंक में कटता है फसल बर्बाद होने के बाद भी मुहाबजा राशि नही मिलती किसान कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाता है। कभी कलेक्टर के पास तो कभी सी एम् के पास शिकायत करता है । और वहां मिलती है। तारिक पर तारिक लेकिन न्याय नही मिलता न्याय मिलता है। गरीब किसान न्याय के लिए भटकता है। और भाजपा पार्टी के बड़े नेता अपना काम फोन पर कर लेते है। समर्थन मूल्य पर भाजपा नेताओं के अमानक मुंग भी एक फोन पर बिक जाते है। और वह भी निशुल्क लेकिन गरीब किसान को अच्छे मुंग भी बिना पैसे नही खरीदे जाते यह सब हो रहा है भाजपा के राज में प्रदेश के मुखिया किसान हित में अनेक योजनाएं लेकर आये लेकिन शायद ही गरीब किसानों को इन योजनाओं का लाभ मिला हो सिराली क्षेत्र में लगभग 50 प्रतिशत गरीब आदिबासी भी किसान है। जो आज दिन रात मेहनत करने के बाद भी फटेहाल कपड़ो में रहते है। कैसे कहे की ये आमिर है इनके बच्चे बड़े शहरो में बड़ी बड़ी स्कूलों में पड़ते है। अच्छे होटलों में खाना खाते है। सिराली क्षेत्र में ऐसे सेकड़ो किसानो से में प्रतिदिन टकराता हु। अरे साहब उनके पास कभी कभी तो किराये के पैसे नही रहते कचहरी में आते है तो यह किसान 40 किलोमीटर पैदल चलकर सिराली आते है। उनकी दशा देखकर सच में रोना आ जायेगा।इतना दुखी और पीड़ित किसान मेने आज तक नही देखा ।किसान के बच्चे बड़े स्कूलों में पड़ रहे है। लेकिन दो दो साल की फीस जमा नही कराई साहेब स्कूल वाले तकादे लगाते है रोज पर क्या करे कोन नही चाहेगा अपने बच्चो को पढ़ाना पर मजबूरी है। अपना पेट का निबाला भी पहले बच्चो को देना पड़ता है।
प्रदेश के मुखिया पहले कहते थे खेती लाभ का धंधा है।लेकिन अब स्वयं कह रहे है खेती से नुकसान हो रहा लेकिन उनकी भक्ति में डूबे अंधभक्त कह रहे है। क्षेत्र का किसम गरीब नही बड़े बड़े बंगले , महंगी होटलों में खाना खा रहे है।जबकि वास्तविकता यह है। क्षेत्र का 70 प्रतिशत किसान गरीबी के हालात से गुजर रहा है। और मौत को गले लगा रहा है। बड़े ही शर्म की बात है साहब की आपकी सरकार और आप के चेले चपाटी को आप क्या शिक्षा दे रहे हो क्या संस्कार दे रहे हो आप स्वयं किसान का अपने आप को वेटा कहते हो दिल पर हाथ रखकर कहना की क्या क्षेत्र का किसान गरीबी के दौर से नही गुजर रहा। किसान अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ रहा है तो आपकी सरकार के इशारे पर टीकमगढ़ में पुलिस वालों ने किसानों को गिरपतार कर थानों में बंधकर कपड़े उतारकर नंगा कर पीट रही है क्या यही दिन अब देखना बाकि था। क्या यही अच्छे दिन है।विगत दिनों मंदसौर की घटना से में भी बहुत आहत हु। क्या देश का अन्नदाता का युही अपमान होता रहेगा। यह मेरे अन्नदाता का अपमान नही यह अपमान उस भारत माता का है उस मिटी का है। जिसके पसीने से उसकी मेहनत से लोगों के घरों के चूल्हे जलते है। और आप ऐसे अंधभक्तो को अपनी पार्टी में उच्च आसन पर बिठाकर अपनी और आपकी पार्टी की छवि को धूमिल कर अपने आने वाले कल को गवा रहे हो। किसान आवाज उठाता हतो आपकी पार्टी के कुछ चुनिदा लोग उन्हें झुटभये नेता कहकर उनका मजाक उड़ाते है।लेकिन कभी पार्टी के लोगो ने गॉव की समस्या को आपके सामने रखा विगत दिनों जिला प्रशासन ने किसानों के बैंक खाते सील कर दिए एक नोजवान युवा तरुणाई ने सेकड़ो ग्रामीणों के साथ किसानों की मांगों को लेकर धरना दिया परिणामस्वरूप किसानों के खाते खुल गए। अगर खाते नही खुलते तो किसानों की दीवाली का त्यौहार फीका पड़ जाता। दो साल से अधूरे पडे रोलगॉव पुल जो दो विधानसभा क्षेत्र को जोड़ता है। यह पुल विगत दो बर्षो से अधूरा पड़ा हुआ है कछुआ चाल से भी यह धीमी गति से यहा निर्माण कार्य चल रहा। ठेकेदार द्वारा वैकल्पिक मार्ग नही बनाने के कारण दो सो गॉव के लोग परेशान है। किसी अंधभक्त को यह गम्भीर समस्या दिखाई नही दी। जब एक नोजवान ने सेकड़ो की तादात में ग्रामीणों को इकट्ठा कर शिकवे शिकायत की और उस युवा का बढ़ता वजूद देखकर आपकी पार्टी के इन अंधभक्ति में डूबे नेताओ को यह हजम नही हो रहा।
दो दिन पहले सिराली के आधे नगर की बिजली गुल हो गई। ट्रांसफार्मर जल गया साहब जब इसी युवा तरुणाई के नेतृत्व में सेकड़ो लोग विधुत कम्पनी के दप्तर पहुच गये। रात भर सोये नही इस युवा ने रात 2 बजे जिला मुख्यालय से ऐन केन प्रकारण से ट्रांसफार्मर लेकर आया। और विजली चालू की जो की बधाई के पात्र है। न खुद काम करेंगे और न दुसरो को इतना सब देखने के बाद यही बात चरितार्थ होती है कि बीजेपी भक्ति में ऐसे डूबे भक्त की किसान का दर्द न जाने कोय।
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